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Saturday, October 26, 2019

सुंदरनगर स्कूल में पढ़ाया नैतिकता का पाठ

सुंदरनगर स्कूल में पढ़ाया नैतिकता का पाठ

सुंदरनगर – राजकीय वरिष्ठ माध्यामिक आदर्श कन्या स्कूल सुंदरनगर में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा आध्यात्मिक जीवन द्वारा मूल्य निष्ट समाज कार्यक्रम के अंतर्गत जीवन में मूल्यों का महत्त्व और श्रेष्ठ समाज विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय माउंट आबू से आए राजयोगी ब्रह्मकुमार भगवान भाई ने कहा समाज को सुधारने के लिए आदर्श शिक्षकों की आवश्यकता है क्योंकि शिक्षक समाज शिल्पी है। उन्होंने उपस्थित शिक्षक और शिक्षिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज की बिगड़ती परिस्थिति को देखते हुए समाज को सुधारने की बहुत आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान के छात्र भावी समाज है और अगर भावी समाज को आदर्श बनाना चाहते हो तो छात्रों को भौतिक शिक्षा के साथ नैतिक आचरण पर भी उनके ऊपर ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक वही है, जो अपने जीवन की धारणा उसे दूसरों को शिक्षा देता है। उन्होंने कहा कि धारणाओं से विद्यार्थियों में बल भरता है। उन्होंने कहा कि जीवन की धारणाओं से दूसरों को शिक्षा देता है। उन्होंने कहा कि जीवन की धारणाओं से वाणी, कर्म, व्यवहार में निखार आ जाता है। कार्यक्रम के समापन पर भगवान भाई का परिचय देते हुए ब्रह्मकुमार कमलेश ने कहा कि भगवान भाई ने भारत और नेपाल के छह हजार स्कूल व कालेज में नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ाया है, जिस कारण इनका नाम इंडिया बुक रिकॉर्ड में दर्ज है। उन्होंने कहा कि भगवान भाई ने इसके साथ 800 कारागृह में भी नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ाया है।

उन्नति का साधन सत्संग : भगवान भाई

उन्नति का साधन सत्संग : भगवान भाई

Publish Date:Sat, 10 Mar 2018 09:13 PM (IST)
उन्नति का साधन सत्संग : भगवान भाई
संवाद सहयोगी, सांबा : अगर इंसान ने अपनी उन्नति पानी है तो उसका साधन सत्संग है यह कहना ह
संवाद सहयोगी, सांबा : अगर इंसान ने अपनी उन्नति पानी है तो उसका साधन सत्संग है यह कहना है माउंट आबू राजस्थान से पधारे हुए राजयोगी ब्राह्मण कुमार भगवान भाई का। प्रजापिता ब्रह्मकुमारी सांबा द्वारा सवा केन्द्र में सत्संग का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भगवान भाई ने प्रवचन सुनाते हुए कहा कि भौतिक युग में स्थायी सुख एवं शांति के लिए सत्संग बहुत आवश्यक है। सत्संग के माध्यम से हमें इस संसार में किस तरह से जीना है, क्या बात कहनी है क्या करती है, आपसी कैसा व्यवहार करना है इसका ज्ञान प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि सत्संग के माध्यम से मिला हुए ज्ञान को हम अपने व्यवहार में निखार लाकर एक सदगुणी इंसान बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि ज्ञान की कमी के कारण वर्तमान समय मानव के अंदर काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, ईष्र्या, घृणा, नफरत आदि राक्षसी प्रवृति बढ़ती जा रही है जिसके कारण समाज में दिन प्रतिदिन अपराध बढ़ते जा रहे हैं। इस अवसर पर स्थानीय ब्रह्मकुमारी सेवा केन्द्र से रानी ने राजयोग के प्रति अपने प्रवचन सुनाए।

समाज में फैल रही दुर्भावना और हिंसा बन रही चिंता का सबब : भगवान भाई

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समाज में फैल रही दुर्भावना और हिंसा बन रही चिंता का सबब : भगवान भाई

Jamui News - आज हमारे समाज में सौहार्द की कमी देखने को मिल रही है। देश में व्यापक पैमाने पर लोग सदयुक्तियों को छोड़ कर कुरीतियों...

Bhaskar News Network

Sep 21, 2019, 07:51 AM IST
Jamui News - maliciousness and violence spreading in the society is causing concern bhagwan bhai
आज हमारे समाज में सौहार्द की कमी देखने को मिल रही है। देश में व्यापक पैमाने पर लोग सदयुक्तियों को छोड़ कर कुरीतियों को अपनाने में लगे हैं। ऐसे में सौहार्दपूर्ण समाज बनाने के लिए युवाओं को नैतिक शिक्षा की जरूरत है। ये बातें शुक्रवार को केकेएम काॅलेज में छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय माउंट आबू राजस्थान से आए भगवान भाई ने कहीं। उन्होंने आगे कहा कि आज हम विकसित देशों की श्रेणी में खड़े होने का भरपूर प्रयास कर रहे हैं। परंतु समाज में फैल रही दुर्भावना और हिंसा इसमें बाधक बन रही है, यह देश और समाज के लिए चिंता का विषय है। इसके लिए व्यक्तिगत स्तर पर सकारात्मक, आंतरिक चेता के विकास को महत्व दिया जाना होगा। राजयोगी भगवान भाई ने कहा कि केवल भौतिक विकास से ही हमारा सर्वांगीण विकास नहीं हो सकता बल्कि नैतिक विकास से समाज और परिवार में मूल्य विकसित हो सकेगा। हमारी आंतरिक शक्तियां जितनी विकसित होगी उतना हम विकास करेंगे। अगर अपराधमुक्त समाज चाहिए तो मानवीय, नैतिक शिक्षा द्वारा संस्कारित युवाओं को निर्मित करें, इसके लिए युवाओं को आगे आना होगा। उन्होंने आगे कहा कि हमारी विरासत हमारी मूल्य है। हमें अपने कर्मों पर भी ध्यान देना चाहिए कि हमारे कर्म विनाशकारी हैं या कल्याणकारी। इस मौके पर जमुई के ब्रह्माकुमारी राजयोग सेवाकेंद्र की ब्रह्माकुमारी बहन किर्ती ने कहा कि नशामुक्त, तनावमुक्त रहना भी बेहतर कर्म करने की प्रेरणा देती है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जगरूप प्रसाद ने कहा कि वर्तमान की परिस्थितियों को देखते हुए यह ज्ञात हो रहा है कि इससे निपटने के लिए नैतिक शिक्षा की बहुत ही ज्यादा आवश्यकता है। मौके पर बेगूसराय से आए ब्रह्माकुमार संजय भाई, ब्रह्माकुमारी गीता बहन, प्रियंका बहन एवं कॉलेज के प्रोफेसर व छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

नैतिक शिक्षा से ही परिवार, समाज अाैर राष्ट्र का विकास होगा : भगवान भाई

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नैतिक शिक्षा से ही परिवार, समाज अाैर राष्ट्र का विकास होगा : भगवान भाई

Bhagalpur News - प्रजापति ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विवि की ओर से उर्दू बाजार में हुआ कार्यक्रम का आयोजन सिटी रिपाेर्टर | भागलपुर ...

Bhaskar News Network

Sep 26, 2019, 06:46 AM IST
Bhagalpur News - only moral education will develop the family society and nation bhagwan bhai
प्रजापति ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विवि की ओर से उर्दू बाजार में हुआ कार्यक्रम का आयोजन

सिटी रिपाेर्टर | भागलपुर

नैतिक शिक्षा से ही समाज अाैर राष्ट्र का विकास हो सकता है। विकसित मूल्य की संस्कृति के कारण भारत की पहचान पूरे विश्व में की जाती है। भारत देश मूल्यों के प्रति सदैव से ही पक्षधर रहा है। ये बातें राजयोगी ब्रह्माकुमार भगवान भाई ने बुधवार काे उर्दू बाजार स्थित शिक्षण संस्थान में छात्र-छात्राअाें काे नैतिक शिक्षा पर संबाेधित करते हुए कही। उन्हाेंने कहा कि प्रजापति ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय माउंट आबू के भारत में 5 हजार स्कूलों में नैतिक शिक्षा प्रदान कर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में उनका नाम दर्ज है। उन्होंने कहा कि अपराधमुक्त समाज चाहिए तो नैतिक शिक्षा द्वारा संस्कारित युवाओं को बनाएं। उन्होंने युवाओं को आंतरिक रूप से सशक्त होकर लोगों की सेवा करने के लिए आगे आने का आह्वान किया। युवा अपनी जिम्मेदारियों को समझें। ऐसी क्रांति का उद्घोष करें जो समाज में मानवीय मूल्यों की लहर पैदा कर सके। निदेशक उमाशंकर शर्मा ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए उन परिस्थितियों का सामना करने के लिए नैतिक शिक्षा जरूरी है। उन्होंने ब्रह्मकुमारी द्वारा समाज को दी जाने वाली नैतिक शिक्षा की सराहना की। मौके पर डॉ. शिवशंकर, मनीष, अनिता आदि मौजूद थे।

नैतिक मूल्यों से सर्वांगीण विकास संभव : भगवान भाई

नैतिक मूल्यों से सर्वांगीण विकास संभव : भगवान भाई

Publish Date:Thu, 22 Nov 2018 01:06 AM (IST)
नैतिक मूल्यों से सर्वांगीण विकास संभव : भगवान भाई
आज के बच्चे भविष्य के होनहार नागरिक हैं। भविष्य के समाज को श्रेष्ठ संस्कारवान बनाना चाहते हैं तो वर्तमान के बच्चों को भौतिक शिक्षा के साथ-साथ नैतिक शिक्षा देने की आवश्यकता है।
बेतिया । आज के बच्चे भविष्य के होनहार नागरिक हैं। भविष्य के समाज को श्रेष्ठ संस्कारवान बनाना चाहते हैं तो वर्तमान के बच्चों को भौतिक शिक्षा के साथ-साथ नैतिक शिक्षा देने की आवश्यकता है। नैतिक शिक्षा से ही सर्वांगीण विकास संभव है। उक्त उदगार प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय माउंट आबू से पधारे राजयोगी ब्रह्माकुमार भगवान भाई ने कही। वे बुधवार को सरस्वती विद्या मंदिर डॉ हेडगेवार नगर बरवत सेना में छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को जीवन में नैतिक शिक्षा का महत्व विषय पर बोल रहे थे। भगवान भाई ने कहा कि शैक्षणिक जगत में विद्यालय के लिए नैतिक मूल्यों को जीवन में धारण करने की प्रेरणा देना आज की आवश्यकता है। नैतिक मूल्यों की कमी व्यक्तिगत, सामाजिक, पारिवारिक, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और सभी समस्याओं का मूल कारण है। विद्यार्थियों का मूल्यांकन आचरण अनुसरण लेखन व्यवहारिक ज्ञान एवं अन्य बातों के लिए प्रेरणा देने की आवश्यकता है। ज्ञान की व्याख्या करते हुए उन्होंने बताया कि जो शिक्षा विद्यार्थियों को अंधकार से प्रकाश की ओर और असत्य से सत्य की ओर बंधनों से मुक्त करने की ओर ले जाए वही शिक्षा है। उन्होंने बताया कि नैतिक शिक्षा से ही मानव के व्यवहार में निखार आना है। ब्रह्मकुमार भगवान भाई ने कहा कि वर्तमान समय कुसंग सिनेमा व्यसन और फैशन से युवा पीढ़ी भटक रही है। अध्यात्मिक ज्ञान और नैतिक शिक्षा द्वारा युवा पीढ़ी को नई दिशा मिल सकती है। उन्होंने बताया कि सिनेमा इंटरनेट टीवी के माध्यम से युवा पीढ़ी पर पश्चात संस्कृति का घाट हो रहा है इस आघात से युवा पीढ़ी को बचाने की आवश्यकता है। युवापीढ़ी को कुछ रचनात्मक कार्य तब उनकी शक्ति सही उपयोग में ला सकेंगे। वरिष्ठ राजयोग भगवान भाई ने कहा कि हमारे मूल्य हमारी विरासत है। मूल्य की संस्कृति के कारण आज भारत को पूरे विश्व में पहचान है। इसलिए नैतिक मूल्य मानवीय मूल्यों की स्थापना के लिए सभी को सामूहिक रुप से प्रयास करने की आवश्यकता है। ब्रह्मकुमारी राजयोग सेवा केंद्र की ब्रह्मकुमारी अन्ना ने अपने उदबोधन में कहा कि कुसंग सिनेमा व्यसन से वर्तमान युवा पीढ़ी भटक रही है। प्रधानाचार्य आशुतोष दास ने अपने उदबोधन में कहा कि वर्तमान समय बच्चों को नैतिक शिक्षा द्वारा चरित्रवान बनाने की बहुत आवश्यकता है। उन्होंने भगवान भाई द्वारा बताए गए व्यसनों को छोड़ नैतिक मूल्यों को अपनाने की सभी से अपील की। कार्यक्रम में बीके राकेश भाई, बीके उदय भाई एवं शिक्षक स्टाफ उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में राजयोग मेडिटेशन भी कराया गया।

*कुसंग,नशा,सिनेमा और क्रोध से मनुष्य बनता है अपराधी बनता:- भगवान भाई*

*कुसंग,नशा,सिनेमा और क्रोध से मनुष्य बनता है अपराधी बनता:- भगवान भाई*

-जमुई मंडल कारा में कैदियों को इंसानियत का पढ़ाया पाठ
रिपोर्ट,मो.अंजुम आलम,जमुई (बिहार)
जमुई:-गुरुवार को जमुई मंडल कारा में बंद कैदियों को इंसानियत का पाठ पढ़ाने राजस्थान से राजयोगी ब्रह्माकुमार भगवान भाई पहुंचे।मौके पर उन्होंने कैदियों को बताया कि कोई भी व्यक्ति जन्मजात अपराधी नहीं होता जब वह इस संसार में आता है तो वह कहीं ना कहीं गलत संगत संग फंसता,अश्लील सिनेमा देखता नशा करता और क्रोध करता है तो वह अपराधी बन जाता है।
मालूम हो कि वे 800 कारागृह में नैतिकता का पाठ पढ़ा कर अपना नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज कराए हैं।उन्होंने बताया कि अपराध मुक्त बनने हेतु स्वयं की गलतियों को महसूस करना जरूरी है,मैं जिस रास्ते पर जा रहा हूँ यह रास्ता गलत है।स्वयं की भूल कभी भी छिप नहीं सकती, मेरे किए हुए कर्मों का फल भी मुझे ही भोगना है तो फिर गलत कर्म करें क्यों। उन्होंने बताया कि कर्मों के आधार से ही संसार चलता है, कर्मों से संबंधी मिलते कर्मों से ही शरीर भी मिलता है,वास्तव में कर्म ही मनुष्य को अच्छा व बुरा बनाता है।कर्म ही व्यक्ति का मित्र व शत्रु है भगवान भाई ने बताया कि यह कारागृह नहीं बल्कि अपने आप को सुधार लाने हेतु सुधार गृह है इसी सुधार गृह में अपने गलतियों को महसूस कर भविष्य में ऐसी गलतियां ना हो यह प्रण लेना है। उन्होंने बताया कि हमें भगवान ने इस धरती पर क्यों भेजा था मैं यहां आकर क्या कर रहा हूं मुझे क्या करना चाहिए।मानव जीवन बहुत ही अनमोल होता है।
उसे व्यर्थ कर्म कर व्यर्थ नहीं गंवाना है उन्होंने कहा कि 1 सेकंड का क्रोध अनेक वर्षों तक पश्चाताप कराता है।इस अवसर पर जेल के जेलर सुप्रियन टोप्पो, ने भी ब्रह्मकुमारी की सेवाओं की सराहना किया और जीवन में बुरे को त्याग कर सच्चाई सफाई जीवन में अपनाने को कहा कार्यक्रम के अंत में राजयोग मेडिटेशन भी कराया तथा सभी को साहित्य दिए इस कार्यक्रम में बेगूसराय के बी के संजय भाई बीके प्रियंका बहन बीके सीता बहन उपस्थित थे।

जीवन में नैतिक एवं आध्यात्मिक शिक्षा का महत्व

जीवन में नैतिक एवं आध्यात्मिक शिक्षा का महत्व

  
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शिक्षा का मूल उद्देश्य चरित्र निर्माण करना है। समाज और देश के विकास के लिए संस्कारवान होना आवश्यक  है। जीवन में आगे बढ़ने के लिए अनुशासन, सहनशीलता, समझदारी, सकारात्मक सोच, एकात्मता और आशावादी होना आवश्यक है। तनाव से अनेक बिमारियाँ होती है। अच्छा देखें, अच्छा सुनें और मृदुभाषी बनें। उक्त बातें वरिष्ठ माध्यमिक सरस्वती विद्या मंदिर, मुंगेर में ”जीवन में नैतिक शिक्षा का महत्व“ विषय पर ब्रह्माकुमारी के अन्र्तराष्ट्रीय मुख्यालय माउण्ट आबू, राजस्थान से ”इण्डिया बुक्स ऑफ़ रेकार्ड“ से सम्मानित राजयोगी ब्रह्माकुमार भगवान भाई ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि बच्चों को नैतिक मूल्यों व श्रेष्ठ संस्कारों की ओर पे्ररित करना अत्यन्त आवश्यक है। आध्यात्मिक और नैतिक षिक्षा द्वारा युवाओं को चरित्रवान और सषक्त बनाया जा सकता है। सकारात्मक चिन्तन और श्रेष्ठ वातावरण द्वारा युवाओं के आन्तरिक शक्तियों का विकास किया जा सकता है। बचपन के संस्कार ही सदा के लिए काम आएगा। प्रधानाचार्य नीरज कुमार कौशिक ने कहा कि आज के युवा अपनी शक्ति और ऊर्जा को सद्कार्यो में लगाएँ।  समाज और देश के विकास में अमूल्य योगदान दें। सुख शांति सर्वत्र व्याप्त हो। इसके लिए सचेष्ट रहें। हमें अपनी सभ्यता और संस्कृति पर गर्व है।स्थानीय ब्रह्मकुमारी राजयोग सेवा केन्द्र की बी0 के0 जयमाला बहन ने ब्रह्माकुमारी ईष्वरीय विश्वविद्यालय में सिखाया जाने वाला ज्ञान के बारे में अवगत कराया। कार्यक्रम के अंत में एकाग्रता हेतु राजयोग मेडीटेशन भी सिखाया गया साथ ही ब्रह्माकुमार भगवान भाई ने छात्र-छात्राओं को बुराईयों को त्यागने की प्रतिज्ञा भी कराई।क्षेत्रीय बालिका शिक्षा संयोजिका कीर्ति रष्मि ने आए हुए अतिथियों का आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर मांउट आबू से पधारे बी0 के0 संजय भाई, बी0 के0 नम्रता बहन, बी0 के0 पूजा बहन, उपप्रधानाचार्य उज्ज्वल किषोर सिन्हा सहित सभी शिक्षक उपस्थित थे।