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Thursday, February 8, 2018

नैतिक शिक्षा का महत्व

मुजफ्फपुर (बिहार  )—इंद्रप्रस्थ  इंटरनॅशनल बोचहाँ  स्कूल  मुजफ्फपुर (बिहार  ) में नैतिक शिक्षा का महत्व विषय पर प्रोग्राम     
आयोजक –स्थानीय ब्रह्माकुमारी  सेवाकेंद्र मुजफ्फपुर (बिहार  )
मुख्य वक्ता ---ब्रह्मकुमार भगवान् भाई माउंट आबू
विषय –-नैतिक शिक्षा का महत्व  
प्राचार्य --श्री अनुपमा चौधरी   
बी के राजेंद्र भाई   
बी के शोभाकांन्त  भाई
सभी शिक्षक स्टाफ भी उपस्थित थे  
बी के भगवान् भाई ने कहा कि भौतिक शिक्षा से हम रोजगार प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन परिवार, समाज, कार्यस्थल में परेशानी या चुनौती का मुकाबला नहीं कर सकते।उन्होंने कहा की  नैतिक मूल्यों से व्यक्तित्व में निखार, व्यवहार में सुधार आता है।नैतिक मूल्यों का ह्रास व्यक्तिगत, सामाजिक, राष्ट्रीय समस्या का मूल कारण है। समाज सुधार के लिए नैतिक मूल्य जरूरी है।उन्होंने कहा कि नैतिक शिक्षा की धारणा से, आंतरिक सशक्तीकरण से इच्छाओं को कम कर भौतिकवाद की आंधी से बचा जा सकता है। व्यक्ति का आचरण उसकी जुबान से ज्यादा तेज बोलता है। लोग जो कुछ आंख से देखते हैं। उसी की नकल करते हैं।

भगवान् भाई ने कहा कि हमारे जीवन में श्रेष्ठ मू््ल्य है तो दूसरे उससे प्रमाणित होते हैं।जीवन में नैतिक मूल्य होंगे तो आदमी लालच, हिंसा, झूठ, कपट का विरोध करेगा और समाज में परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा नैतिकता से मनोबल कम होता है। मूल्यों की शिक्षा से ही हम जीवन में विपरीत परिस्थिति का सामना कर सकते हैं। जब तक हम अपने जीवन में मूल्यों और प्राथमिकता का निर्धारण नहीं करेंगे, अपने लिए आचार संहिता नहीं बनाएंगे तब तक हम चुनौतियों का मुकाबला नहीं कर सकते। चरित्र उत्थान और आंतरिक शक्तियों के विकास के लिए आचार संहिता जरूरी है। उन्होंनेे अंत में नैतिक मूल्यों का स्रोत आध्यमित्कता को बताया। जब तक आध्यात्मिकता को नहीं अपनाएंगे जीवन में मूल्यों की धारणा संभव नहीं है।
इस मोके पर बी के राजेंद्र भाई  ने कहा  के वर्तमान में बच्चो को अच्छे संस्कार कि आवश्यकता है उन्होंने बताया कि संस्कारित बच्चे देश कि सच्ची सम्पति है  प्रिंसिपल ने भी अपना सम्बोधन दिया 

नैतिक शिक्षा का महत्व

मुजफ्फपुर (बिहार  )—ए आर इंटरनॅशनल पब्लिक स्कूल फतेपुर चौक  मुजफ्फपुर (बिहार  ) में नैतिक शिक्षा का महत्व विषय पर प्रोग्राम     
आयोजक –स्थानीय ब्रह्माकुमारी  सेवाकेंद्र मुजफ्फपुर (बिहार  )
मुख्य वक्ता ---ब्रह्मकुमार भगवान् भाई माउंट आबू
विषय –-नैतिक शिक्षा का महत्व  
प्राचार्य --श्री सुरेश कुमार  
बी के राजेंद्र भाई   
बी के शोभाकांन्त  भाई
सभी शिक्षक स्टाफ भी उपस्थित थे  

कार्यक्रम के अंत में राजयोग का अभ्यास कराया गया  

भगवान भाई ने कहा कि गुणवान व्यक्ति देश की सम्पति हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियोंं के सर्वांगिण विकास के लिए भौतिक शिक्षा के साथ-साथ नैतिक शिक्षा की भी आवश्यकता हैँ। चरित्र निर्माण ही शिक्षा का मूल उद्देश्य होता हैं।
उन्होंने कहा कि भोतिक शिक्षा  भौतिकता की ओर धकेल रही भौतिक शिक्षा की बजाय इंसान को नैतिक शिक्षा की आवश्यकता हैं।नैतिक शिक्षा से नैतिकता आएगी | उन्होंने कहा नैतिक मूल्यों की कमी ही समाज के  हर समस्या का मूल कारण हैं।नैतिक मूल्यों से बच्चे के सुंदर चरित्र का निर्माण होता है |
नैतिक मूल्यों के विकास से बच्चे में समाजीकरण की भावना का विकास होता है | ज्ञान रूपी प्रकाश अथवा सत्य की ओर ले जाए,वहीं सच्चा ज्ञान हैं।
उन्होंने कहा कि जब तक हमारे व्यवहारिक जीवन में परोपकार,सेवाभाव,त्याग,उदारता,पवित्रता,सहनशीलता,नम्रता,धैर्यता,सत्यता,ईमानदारी, आदि सद्गुण नहीं आते। तब तक हमारी शिक्षा अधूरी हैं। उन्होंने कहा कि समाज अमूर्त होता हैं और प्रेम,सद्भावना,भातृत्व,नैतिकता एवं मानवीय सद्गुणों से सचालित होता हैं।
भगवान भाई ने कहा कि हमें अपने दृष्टिकोण को सकारात्मक बनाने के लिए ज्ञान की आवश्यकता हैं। दृष्टिकोण सकारात्मक रहने पर मनुष्य हर परिस्थिति में सुखी रह सकता हैं। उन्होंने व्यसनों से दूर रहने पर भी जोर दिया।