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Monday, May 23, 2011

सुखी जीवन के लिए भौतिक शिक्षा के साथ नैतिक शिक्षा भी जरूरी है। भौतिक शिक्षा से हम रोजगार प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन परिवार, समाज, कार्यस्थल में परेशानी या चुनौती का मुकाबला नहीं कर सकते।


ब्रम्हाकुमार भगवान भाई

न्यूज & राजिम



सुखी जीवन के लिए भौतिक शिक्षा के साथ नैतिक शिक्षा भी जरूरी है। भौतिक

शिक्षा से हम रोजगार प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन परिवार, समाज, कार्यस्थल

में परेशानी या चुनौती का मुकाबला नहीं कर सकते।



उक्त उद्गार नैतिक मूल्य जागृति अभियान में आए प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी

ईश्वरीय विवि के माउंट आबू के ब्रम्हाकुमार भगवान भाई ने व्य?त किए। अखिल

भारतीय शैक्षक्षिक अभियान के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला और

सरस्वती शिशु मंदिर के छात्रा-छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा

कि नैतिक मूल्यों से व्यक्तित्व में निखार, व्यवहार में सुधार आता है।

नैतिक मूल्यों का ह्रास व्यक्तिगत, सामाजिक, राष्ट्रीय समस्या का मूल

कारण है। समाज सुधार के लिए नैतिक मूल्य जरूरी है।



उन्होंने कहा कि नैतिक शिक्षा की धारणा से, आंतरिक सशक्तीकरण से इच्छाओं

को कम कर भौतिकवाद की आंधी से बचा जा सकता है। व्यक्ति का आचरण उसकी

जुबान से ज्यादा तेज बोलता है। लोग जो कुछ आंख से देखते हैं। उसी की नकल

करते हैं।



हमारे जीवन में श्रेष्ठ मू््ल्य है तो दूसरे उससे प्रमाणित होते हैं।

जीवन में नैतिक मूल्य होंगे तो आदमी लालच, हिंसा, झूठ, कपट का विरोध

करेगा और समाज में परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा नैतिकता से मनोबल कम होता

है। मूल्यों की शिक्षा से ही हम जीवन में विपरीत परिस्थिति का सामना कर

सकते हैं। जब तक हम अपने जीवन में मूल्यों और प्राथमिकता का निर्धारण

नहीं करेंगे, अपने लिए आचार संहिता नहीं बनाएंगे तब तक हम चुनौतियों का

मुकाबला नहीं कर सकते। चरित्र उत्थान और आंतरिक शक्तियों के विकास के लिए

आचार संहिता जरूरी है। उन्होंनेे अंत में नैतिक मूल्यों का स्रोत

आध्यमित्कता को बताया। जब तक आध्यात्मिकता को नहीं अपनाएंगे जीवन में

मूल्यों की धारणा संभव नहीं है।



ब्रम्हाकुमारी हेमा ने कहा कि समाज में स्वयं को सुखीन सशक्त बनाने के

लिए नैतिक शिक्षा बहुत जरूरी है। ब्रम्हाकुमारी पुष्पा ने कहा कि

छात्राएं समाज की धरोहर है। उन्हें खुद को शक्तिशाली बनाने आध्यात्मिकता

को अपनाने को कहा। भारत में एक समय नैतिक मूल्य थे इसलिए लोग उन्हें देवी

की तरह पूजते थे। अंत में आभार प्रदर्शन विवेक शर्मा, जगन्नाथ साहू ने

किया।

Saturday, May 21, 2011

बायो --डाटा (परिचय ) ब्रह्मा कुमार भगवान भाई आबू पर्वत

बायो --डाटा (परिचय ) ब्रह्मा कुमार भगवान भाई आबू पर्वत

बायो --डाटा (परिचय )
ब्रह्मा कुमार भगवान भाई आबू पर्वत ब्रह्माकुमारी

नाम: राजयोगी ब्रह्मा कुमार भगवान भाई
ब्रह्माकुमारी शांतिवन में राजयोगा टीचर
मुख्यालय प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विद्यालय विश्व आबू पर्वत राजस्तान में
रसोई विभाग में ब्रह्मा भोजन में सेवा
लेखक, विभिन्न मगैनेस और समाचार पत्रों में
शैक्षिक योग्यता: 10 वीं और आय .टी .आय .
जन्म तिथि: जून 1, 1965
सेवा स्थान: अबू रोड, शांतिवन
ज्ञान में : 1985
सेवा में समर्पित कब से 1987:
सेवा --- जैसे, ग्राम विकाश कई आध्यात्मिक अभियानों में ,
रैली, शिव सन्देश रथ यात्रा, मूल्य आधारित मीडिया अभियान, मूल्य आधारित शिक्षा
अभियान, युवा पद यात्रा, आदि भारत के विभिन्न प्रदेशों में, साथ ही में
नेपाल में भी
भाषण विभिन्न विषयों पर पर संबोधित किया है कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय
(5000) स्कूल में नीतिक मूल्य बारे में स्कूलों और जेलों (800)
समाज सेवा पुनर्वास शिविर बाढ़ जैसे प्राकृतिक आपदाओं, भूकम्प आदि
कोर्स और प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न क्लास लिया है
यह ईश्वरीय विश्वविद्यालय के एक बहुत अच्छे लेखक हैं. अपने लेख बहुत बार कई पत्रिकाओं में प्रकाशित कर रहे हैं
जैसे (हिंदी) ज्ञानामृत , विश्व नवीनीकरण (अंग्रेज़ी) के रूप में,
(मराठी) अमृत्कुम्भ , ज्ञान दर्पण (उडिया), ज्ञानामृत (गुजराती),
(तमिल) संगम्युगम , विश्व एनएवी (कनाडा) निर्माण, (तलगू ) ग्यानाम्रितम , आदि,
तनाव मुक्त जीवन, व्यसन से मुक्त जीवन अन्गेर्लेस जीवन, सकारात्मक सोच, योग की विधि, स्व प्रबंध नेतृत्व की कला,
व्यक्तित्व विकास, प्रबंधन आदि म के विषयों पर व्याख्यान देते है लोटरी क्लब, बार के रूप में विभिन्न स्थानों (परिसर) में व्याख्यान
एसोसिएशन, विश्वविद्यालय परिसर, रेलवे, कालेज परिसर, आईटीआई, आ

Friday, May 20, 2011

नैतिक मूल्यों की जरूरत : भगवान प्रजापति ब्रह्मïकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय

नैतिक मूल्यों की जरूरत : भगवान
भिवानी & प्रजापति ब्रह्मïकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ब्रह्मïकुमार भगवान भाई ने कहा कि जीवन में नैतिक मूल्यों की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। नैतिक कर्तव्यों की पालना करके ही जीवन में सफलता हासिल की जा सकती है। इसके बगैर मनुष्य का भविष्य अंधकारमय हो जाता है। वे गुरुवार को उत्तमीबाई कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में नैतिक शिक्षा जागृत अयिभान के तहत एकत्रित छात्राओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आधुनिक जमाने में जीवन के उद्देश्य को सार्थक बनाने के लिए मूल्यों को धारण करना जरूरी है। इस जमाने में चुनौती भरी परिस्थितियों में जीवन के मूल्यों को धारण करेंगे तो सफलता जरूर मिलेगी।