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Tuesday, January 30, 2018

कुलगाछीया (पश्चिम बंगाल) ----में बाय बाय टेंशन पर कार्यक्रम

कुलगाछीया  (पश्चिम बंगाल) ----में बाय बाय  टेंशन पर कार्यक्रम  
आयोजक –ब्रह्माकुमारीज कुलगाछीया  (पश्चिम बंगाल) 
मुख्य वक्ता --बी के भगवान् भाई माउंट आबू 
विषय – बाय बाय टेंशन  
अतिथि ---श्री लक्ष्मी नारायण चौधरी बिझनेसमैन  
बी के आलशन   बहन प्रभारी तमलुक  (पश्चिम बंगाल)
बी के मानसी बहन  राजयोगी खड़गपुर  (पश्चिम बंगाल)
बी के  वदना  बहन  राजयोगी कोलाघार  (पश्चिम बंगाल)
कार्यक्रम कि शुरवात दीप प्रज्वलन से कि गयी 
कुमारीयोंने डांस भी किया 
सुखेन्द्र पात्र ने गीत गाये 
 श्रीमती मानवी   गीत गाये 
इस अवसर पर माउंट आबू के राजयोगी बी के भगवान् भाई ने कहा कि सकारात्मक सोच से आत्मविश्वास बढ़ता है और आत्मविश्वास से कुछ कर गुज़रने का साहस पैदा होता है। इसी साहस से उत्पन्न बल से व्यक्ति कठिन से कठिन समस्या को सुलझा लेता है।वर्तमान समय जितनी भी समस्या हैं उन सबका कारण है नकारात्मक सोच। नकारात्मक सोच से तनाव बढ़ता है। तनाव मुक्त बनने के लिए सकारात्मक विचार संजीवनी बूटी है। सकारात्मक विचार से ही मुक्ति संभव है।उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक बीमार न होने वाले व्यक्ति को पूरा स्वस्थ नहीं कहा जाता है उसी प्रकार एक नकारात्मक सोच न रखने वाले व्यक्ति को सकारात्मक सोच वाला नहीं कहा जा सकता । सकारात्मक सोच रकने वाले लोगों का एक अलग ही पहचान होता है ।19वीं सदी तर्क की थी, 20वीं सदी प्रगति की रही और 21वीं सदी तनाव पूर्ण होगी। ऐसे तनावपूर्ण परिस्थितियों में तनाव से मुक्त होने सकारात्मक विचारों की आवश्यकता है।उन्होंने बताया कि मन में लगातार चलने वाले नकारात्मक विचारों से दिमाग में विभिन्न प्रकार के रासायनिक पदार्थ उतरकर शरीर में आ जाते हैं। इनसे अनेक बीमारियां होती हैं। मन के नकारात्मक विचारों से मनोबल, आत्मबल कमजोर बन जाता है।भगवान भाई ने कहा कि जहां तनाव है वहां अनेक समस्याएं बढ़ जाती हैं। तनाव के कारण आपसी मतभेद, टकराव बढ़ जाते हैं। जहां तनाव है वहां मानसिक अशांति के वश होकर मनुष्य व्यसन, नशा, डिप्रेशन के वश हो जाता है। उन्होंने बताया कि मन चलने वाले नकारात्मक विचारों के कारण ही मन में घृण, नफरत, बैर, विरोध, आवेश और क्रोध उत्पन्न होता है।