मोगा|
शुकदेवाकृष्णा कॉलेज ऑफ एजुकेशन फॉर गर्ल्स घल्लकलां में विस्तार भाषण का
आयोजन किया गया। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय माउंटआबू
राजस्थान से ब्रह्म कुमार भगवान भाई मोगा से बहन संजीवनी विशेष रूप से
उपस्थित हुए। कॉलेज के चेयरमैन डा. अशोक गर्ग प्राचार्य डा. सुधा शर्मा ने
अतिथियों का स्वागत किया। भगवान भाई ने आदर्श शिक्षक सकारात्मक चिंतन विषय
पर विचार पेश किए। उन्होंने कहा कि एक आदर्श अध्यापक में सहनशीलता,
ईमानदारी, सत्य दया जैसे गुण होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि नकारात्मक
सोच से इंसान को कई तरह की बीमारियां लग जाती है इसलिए अपनी सोच को हमेशा
सकारात्मक रखना चाहिए। वहीं बहन संजीवनी ने बताया कि हमें प्रकृति से सीख
लेनी चाहिए। कॉलेज चेयरमैन अशोक गर्ग, प्राचार्य सुधा शर्मा डा. केडी शर्मा
ने भगवान भाई, बहन संजीवनी, डा. बलदेव नागपाल, परमिंदर शर्मा, राकेश बजाज
अमन सिंगला को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर बीएड ईटीटी
स्टाफ के समस्त सदस्य और विद्यार्थी उपस्थित थे।
ब्रह्माकुमार भगवान भाई ,ब्रह्माकुमारीज ,माउंट आबू राजस्थान (भारत) 5000 स्कूलों और 800 कारागृह (जेलों) में नैतिक मूल्यों का पाठ पढ़ाकर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज है
Thursday, October 16, 2014
Friday, August 15, 2014
नैतिक शिक्षा के अभाव में विकृत हो रहा समाज
नैतिक शिक्षा के अभाव में विकृत हो रहा समाज
श्री कपिल मुनि कालेज में नैतिकता पर सेमिनार
अमर उजाला ब्यूरो
कलायत।
प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय माउंट आबू से आए भगवान ने
कलायत के श्री कपिल मुनि महिला कालेज में छात्राआें को नैतिकता का पाठ
पढ़ाया। छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भौतिकता व नैतिकता
जीवन के दो ऐसे पहलू हैं, जो साथ साथ चलते हैं। उन्होंने कहा कि आज स्कूल
कालेजों में भौतिक शिक्षा दी जा रही है जिससे जीवन में केवल भौतिकता ही
प्राप्त की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि आज
के समय में शिक्षा के प्रचार प्रसार के लिए सरकारी व गैर सरकार स्तर पर
बड़े बड़े प्रयास किए जा रहे हैं। जिससे वांछित शिक्षा ग्रहण करना सुगम हो
गया है। आज के भौतिक युग में शिक्षा का कोई भी लक्ष्य ऐसा नहीं है, जिसे हम
हासिल न कर सकें। कोई अनपढ़ नहीं है, सभी उच्च शिक्षित हो रहे हैं। उसके
बावजूद समाज में लगातार बढ़ रहे अपराधों के कारण से समाज विकृत हो कर रह
गया। बौद्धिक क्षमता, भावना क्षमता, नैतिक क्षमता व आध्यात्मिक क्षमता यदि
चारों क्षमताओं में से एक क्षमता का ह्रास हो जाए तो जीवन का पहिया डगमगा
जाता है। कार्यक्रम में उन्होंने शिक्षाप्रद कहानियों के माध्यम से
छात्राओं को नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ाया। कार्यक्रम में रेखा ने भी
छात्राओं को जीवन के नैतिक मूल्यों से आत्मसात करवाया। प्रधानाचार्य डा.
सुरेश ने मेहमानों का स्वागत किया।
व्याख्यान के लिए इंडिया बुक आफ रिकार्ड में नाम दर्ज
संस्था
में वर्ष 1985 से संपूर्ण रूप से समर्पित भगवान अब तक देश की 800 जेलों
में हजारों कैदियों व राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय छह हजार स्कूलों में लाखों
विद्यार्थियों को नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ा मनोबल का विकास करने का अथक
प्रयास कर चुके हैं। इस कारण उनका नाम इंडिया बुक आफ रिकार्ड में दर्ज किया
गया है।
कहा, महिला नहीं, छात्रा सशक्तिकरण पर ध्यान दे सरकार, प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय माउंट आबू से आए थे वक्ता
Tuesday, July 15, 2014
छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए भौतिक शिक्षा के साथ नैतिक शिक्षा जरूरी है
‘सर्वांगीण विकास के लिए नैतिक शिक्षा जरूरी’
भगवान भाई ने कहा कि शैक्षणिक जगत में विद्यार्थियों के लिए नैतिक मूल्यों को जीवन में धारण करने की प्रेरणा देना आज की आवश्यकता है। नैतिक मूल्यों की कमी व्यक्तिगत सामाजिक, पारिवारिक, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय समस्या का मूल कारण है। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी कल का समाज हैं। इसलिए स्कूलों के माध्यम से इन्हें चरित्रवान बनाएं। स्थानीय केंद्र की ब्रह्मकुमार सरिता बहन ने कहा कि चरित्रवान बनने के लिए युवाओं को सिनेमा, व्यसन, फैशन एवं कुसंगति से दूर रहना होगा। इस दौरान एसआरके के प्रधानाचार्य धीरेंद्र राठौर, अनुपम शर्मा, कृपाशंकर मिश्रा, रामनाथ भाई, ऊषा देवी के अलावा अन्य शिक्षक मौजूद थे।
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